श्रीमद्भगवद गीता

Aaj Ki Shiksha - October 14, 2026 - Bhagavad Gita 1.23

Aaj Ki Shiksha: Gita's Motivation for Overcoming Self-Doubt

Sanskrit Shloka

योत्स्यमानानवेक्षेऽहं य एतेऽत्र समागताः |
धार्तराष्ट्रस्य दुर्बुद्धेर्युद्धे प्रियचिकीर्षवः ||१-२३||

Hindi Meaning: दुर्बुद्धि धार्तराष्ट्र का युद्ध में प्रिय चाहने वाले जो ये राजा लोग यहाँ एकत्र हुए हैं, उन युद्ध करने वालों को मैं देखूँगा।

English Meaning: And gaze over this array of soldiers, eager to please the sinful sons of Dhritarashtra."

Today's Teaching

Aaj Ki Shiksha: पूर्व श्लोक में कही गयी बात को ही अर्जुन इस श्लोक में बल देकर कह रहा है। शत्रु सैन्य के निरीक्षण के कारण को भी वह यहाँ स्पष्ट करता है।

Life Lesson: And gaze over this array of soldiers, eager to please the sinful sons of Dhritarashtra।

पूर्व श्लोक में कही गयी बात को ही अर्जुन इस श्लोक में बल देकर कह रहा है। शत्रु सैन्य के निरीक्षण के कारण को भी वह यहाँ स्पष्ट करता है। एक कर्मशील व्यक्ति होने के कारण वह कोई अनावश्यक संकट मोल नहीं लेना चाहता। इसलिये वह देखना चाहता है कि वे कौन से दुर्मति सत्तामदोन्मत्त और प्रलोभन से प्रताड़ित लोग हैं जो कौरव सेनाओं में सम्मिलित होकर सर्वथा अन्यायी तानाशाह दुर्योधन का समर्थन कर रहे हैं।

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