Daily Bhagavad Gita Quotes Archive
Each daily quote has its own page with Sanskrit, Hindi meaning, English explanation, and a short practical teaching.
Aaj Ki Shiksha: Bhagavad Gita 15.1
यह श्लोक हमें कठोपनिषद् में वर्णित अश्वत्थ वृक्ष का स्मरण कराता है। वहाँ संसार वृक्ष का केवल निर्देश किया गया है।
Aaj Ki Shiksha: Bhagavad Gita 14.5
गुण शब्द अध्यात्मशास्त्र की पारिभाषिक शब्दावली का होने के कारण उसका किसी अन्य भाषा में अनुवाद करना कठिन है। विशेषकर अंग्रेजी में उसका समानार्थी कोई शब्द नहीं है।
Aaj Ki Shiksha: Bhagavad Gita 11.28
समुद्र से मिलन के लिए आतुर। उसकी ओर वेग से बहने वाली नदियों की उपमा इस श्लोक में दी गई है।
Aaj Ki Shiksha: Bhagavad Gita 12.6
See Commentary under।
Aaj Ki Shiksha: Bhagavad Gita 2.42
कल्याणकारी मार्ग पर आगे बढ़ें; अपने कर्तव्य पथ पर सदा स्थिर रहें।
Aaj Ki Shiksha: Bhagavad Gita 1.23
पूर्व श्लोक में कही गयी बात को ही अर्जुन इस श्लोक में बल देकर कह रहा है। शत्रु सैन्य के निरीक्षण के कारण को भी वह यहाँ स्पष्ट करता है।
Aaj Ki Shiksha: Bhagavad Gita 4.4
इस अध्याय के प्रारम्भिक श्लोक में घटनाओं के काल के विषयों में स्पष्ट विरोधाभास है। श्रीकृष्ण ने कहा कि उन्होंने सृष्टि के प्रारम्भ में इस योग को विवस्वान् को सिखाया।