श्रीमद्भगवद गीता

Daily Bhagavad Gita Quotes Archive

Each daily quote has its own page with Sanskrit, Hindi meaning, English explanation, and a short practical teaching.

June 3, 2026

Aaj Ki Shiksha: Bhagavad Gita 6.18

इस श्लोक से लेकर अगले पाँच श्लोकों में योग के फल पर विचार किया गया है तथा पूर्ण योगी का आत्मसाक्षात्कार के समय और तदुपरान्त जीवन में जीते हुये क्या अनुभव होता है इसे भी स्पष्ट किया गया है। सम्पूर्ण गीता में श्रीकृष्ण ने युक्त शब्द का प्रयोग अनेक स्थानों पर किया है तथा साधक के युक्त बनने पर विशेष बल दिया है तथापि इस शब्द की सम्पूर्ण परिभाषा अब तक नहीं बतायी गई यद्यपि यत्रतत्र उसका संकेत अवश्य किया गया है।

June 2, 2026

Aaj Ki Shiksha: Bhagavad Gita 6.26

पूर्व दो श्लोकों से साधकों के मन में उत्साह आता है परन्तु जब वे अभ्यास में प्रवृत्त होते हैं तब जो कठिनाई आती है उससे उन्हें कुछ निराशा होने लगती है। प्रत्येक साधक यह अनुभव करता है कि उसका मन समस्त विरोधों को तोड़ता हुआ ध्येय विषय से हटकर पुन विषयों का चिन्तन करने लगता है।

June 1, 2026

Aaj Ki Shiksha: Bhagavad Gita 2.62

कल्याणकारी मार्ग पर आगे बढ़ें; अपने कर्तव्य पथ पर सदा स्थिर रहें।

May 31, 2026

Aaj Ki Shiksha: Bhagavad Gita 18.23

त्रिविध कर्मों में सात्त्विक कर्म सर्वश्रेष्ठ है। जो कर्ता के मन में शान्ति तथा उसके कर्मक्षेत्र में सामञ्जस्य उत्पन्न करता है।

May 30, 2026

Aaj Ki Shiksha: Bhagavad Gita 3.20

प्राचीन काल में जनक और अश्वपति आदि ज्ञानी राजाओं ने भी कर्म द्वारा संसिद्धि प्राप्त की थी। कर्मयोग के द्वारा सम्यक् ज्ञानपूर्वक अनासक्ति और अर्पण की भावना से कर्म करते हुए वे बन्धनों से मुक्त हो गये।

May 29, 2026

Aaj Ki Shiksha: Bhagavad Gita 6.5

Lift yourself with a steady mind; do not let your own mind pull you into discouragement.

May 28, 2026

Aaj Ki Shiksha: Bhagavad Gita 2.47

Do your duty with sincerity, without becoming restless for the result.

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